Saturday, February 12, 2011

My First Hindi Poem

वो चमकती ओस की बूंदे, वो चिडयों का चहकन,
वो ठंडी हवा के झोकें, वो फूलों का महकना,
कुछ तो है जो मुझे खीचता है, कोई तो है जिसका जादू चलता है |


कुछ तो है जो हौले से दिल को गुदगुदाता है,
कोई तो है जो होंटों पर मुस्कान ले आता है |
किसी को देखने की चाहत रोज सुबह मुझे जगाती है,
किसी को सपनो में पाने की ख्वाइस रातों को सुलाती है,
कुछ तो हवाएं भी कहती हैं, कोई तो तुम्हे भी प्यार करता है ||

वो चमकती ओस की बूंदे, वो चिडयों का चहकन,
वो ठंडी हवा के झोकें, वो फूलों का महकना | इति |

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